छतरपुर(सचिन अग्रवाल)। रिसर्च सोसायटी ऑफ होम्योपैथी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय 19वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कान्फ्रेंस होटल क्लार्क खजुराहो में प्रारंभ हो गई। इस कान्फें्रस में देश-विदेश के लगभग 800 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने सोसायटी की ओर से नागपुर के डॉक्टर कासिम चिमठानवाला को डॉ. हेनीमेन मेमोरियल नेशनल अवार्ड एवं गोवा के डॉ. अरविन्द कोठे को डॉ. बीके घोष मेमोरियल बेस्ट नेशनल होम्योपैथिक टीचर अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. नवल किशोर रावत द्वारा लिखित पुस्तक ''सुलभ होम्यो दर्द चिकित्साÓÓ एवं डॉ. कासिम चिमठानवाला की ''ड्रग पुलिंग पुस्तिकाÓÓ तथा कान्फ्रेंस के मौके पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया। डॉ. भस्मे ने कहा कि केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद गुणात्मक होम्योपैथिक शिक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है क्योंकि अच्छे एवं योग्य चिकित्सकों के लिए बेहतर शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब अधोमानक कॉलेजों पर सख्ती की जाएगी तथा उन्हें छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से मेहनत से पढ़ाई करने पर जोर दिया। केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के सचिव डॉ. ललित वर्मा ने कहा कि कान्फें्रसों में इस बात पर भी चर्चा की जानी चाहिए कि हम कहीं-कहीं पर असफल क्यों हो रहे हैं। उन्होंने होम्योपैथिक शिक्षा को शोध से जोड़े जाने की वकालत की। दिल्ली सरकार के होम्योपैथिक उपनिदेशक डॉ. आरके मनचंदा ने कहा कि योग्य शिक्षकों का अभाव ही होम्योपैथी के विकास में बाधक है। रिसर्च सोसायटी ऑफ होम्योपैथी के अध्यक्ष डॉ. सीपी सिंह ने सोसायटी की गतिविधियों के बारे में चर्चा की। केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के सदस्य डॉ. अनुरुध वर्मा ने केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा होम्योपैथी के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को नाकाफी बताया। उन्होंने सरकार की बीआरएचसी कोर्स का विरोध किया तथा आयुष चिकित्सकों के लिए असम क्लीनिकल स्टेरिसिमिंट एक्ट बनाने की मांग की। उन्होंने मध्यप्रदेश के छात्रों को राज्य सरकार की ओर से इन्टर्न शिप भत्ता देने की वकालत की तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना एवं मेडिक्लेम पॉलिशी में होम्योपैथी को शामिल किए जाने की जरूरत बताई। पहले दिन तीन वैज्ञानिक सत्र कान्फ्रेंस के पहले दिन आज तीन वैज्ञानिक सत्र हुए। डॉ. डीपी रस्तोगी मेमोरियल वैज्ञानिक सत्र में डॉ. आरके मनचंदा चर्मरोगों में तथ्यपरक होम्योपैथी विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि चर्मरोगों का प्रभावी उपचार है। उन्होंने फंगल इन्फेक्शन के 35 वाड्र्स के 100 एवं सोर्पासीस के 40 जटिल उपचारित रोगियों का तथ्यपरक विवरण प्रस्तुत किया जो अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुआ है। इस सत्र में डॉ. एसी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एलके नंदा ने कहा कि वृद्धावस्था में प्रोस्टेट वृद्धि एवं आस्टियो आर्थराईटिस की संभावना 25 से 30 प्रतिशत होती है। इनका होम्योपैथी में सफल उपचार है। चेन्नई के डॉ. आर मनसंबंधन ने कहा कि जटिल एवं पुराने रोगों का नियाज्म की समझ से सफल उपचार किया जा सकता है। इस सत्र में डॉ. केएम निशांत ने हाऊ टू किल ए पेशेंट एवं डॉ. राजेश गुप्ता ने गर्भाशय की रसोली के सफल होम्योपैथी उपचार पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। सत्र की अध्यक्षता केडी होम्योपैथी परिषद के सदस्य व्हीआर कवीश्वर ने की। दूसरे डॉ. अनिल भाटिया मेमोरियल सत्र में हैदराबाद के डॉ. एस प्रवीनकुमार ने अपने शोध पत्र में बेहोशी के होम्योपैथिक प्रबंधन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। मुंबई के डॉ. मिर्जा अनबर वेग ने कहा कि देश में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है एवं विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगियों का विवरण भी उन्होंने प्रस्तुत किया। गोवा के डॉ. अरविन्द कोठे ने अपने शोध पत्र में सिद्ध किया कि डायबिटिक न्यूरोपैथी का होम्योपैथी से सफल उपचार संभव है। दिल्ली के डॉ. नीरज गुप्ता ने बच्चों के आटिज्म रोग पर चर्चा करते हुए शोध पत्र प्रस्तुत किया। तीसरा सत्र डॉ. एस दुबे को समर्पित था। इस सत्र में बंगलोर के डॉ. बीडी पटेल ने बताया कि वृद्धावस्था के रोगों में होम्योपैथी बहुत ही कारगर है। पंजाब के डॉ. एस तनवीर हुसैन ने न्यूरो फाइबोर्मा के होम्योपैथी द्वारा सफलतापूर्वक उपचारित रोगियों का विवरण प्रस्तुत किया। हैदराबाद की डॉ. बी अरुणा ने होम्योपैथिक प्रिस्क्रिपशन में चरित्रगत लक्षणों की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. बीआर बरेली के वैज्ञानिक डॉ. कृष्णदेव ने एलटी लेप्रोसी वेक्सीन के ट्रायल में मनीकुलर बॉयलोजी के उपयोग पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस सत्र में भोपाल के डॉ. संजय गुप्ता ने होम्योपैथिक शिक्षा एवं डॉ. जूही गुप्ता ने भय के होमयोपैथिक उपचार पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। कान्फेंस का समापन रविवार को होगा। |
Sunday, February 6, 2011
खजुराहो में 19वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कान्फ्रेंस का शुभारंभ
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