Friday, February 25, 2011

मजदूर की मौत पर षव रखकर किय्ाा चक्काजाम



नौगांव। थानांतर्गत बीती षात कोठी चौराहा के पास एक मकान में काम कर रहे मजदूर की करण्ट लगने से मौत हो गय्ाी। मजदूर की मौत पर आक्रोषित उसके परिजनों एवं ग्रामीणों ने आज सुबह गर्ल्स स्कूल के पास  षव रखकर जाम लगा दिय्ाा। घटना की सूचना लगते ही एसडीएम, नाय्ाब तहसीलदार, थाना प्रभारी, य्ाुवा कांग्रेस जिला उपाध्य्ाक्ष मौके पर पहुंचे एवं आक्रोषित लोगों को समझ्ााईष देकर मामला षांत कराय्ाा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राधे तनय्ा चिरोंजीलाल अनुरागी 36वर्श निवासी धोर्रा थाना अजनगर कोठी चौराहा के मकान में निर्माण कायर््ा कर रहा था। षाम के समय्ा राधे जब मकान की दीवालों की छाप कर रहा था तभी उसकी कन्नी हाईटेंषन लाईट से टच हो गय्ाी जिससे राधे की मौके पर ही मौत हो गय्ाी। घटना की सूचना लगते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर  पंचनामा तैय्ाार कर मामले की जांच षुरू कर दी। मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने आज सुबह षव को हाथठेला में रखकर गर्ल्स स्कूल के पास चक्काजाम कर प्रदर्षन किय्ाा। मृतक के परिजनों की मांग थी कि उनको आर्थिक सहाय्ाता दिलाई जाए। घटना की सूचना लगते ही एसडीएम, नाय्ाब तहसीलदार, थाना प्रभारी एवं य्ाुवा कांग्रेस जिला उपाध्य्ाक्ष आषिफ खां मौके पर पहुंचे। एसडीएम एवं उपाध्य्ाक्ष की समझ्ााईष के बाद ही मामला षांत हो सका।


जलवाय्ाु परिवर्तन के जिम्मेदार कारणों से अनुकूलन नहीं उनका शमन करेंःकलेक्टर


जलवाय्ाु परिवर्तन पर जन परामर्श कायर््ाशाला संपन्न
छतरपुर। सालµदरµसाल मौसम में बदलाव और मौसम के विपरीत प्रभाव को हम सभी स्पष्ट रूप से महसूस कर रहे हैं। पयर््ाावरण परिवर्तन आज सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय्ा है जिस पर अंतरराष्ट्रीय्ा स्तर पर लगातार विचारµविमर्श हो रहा है। छतरपुर जिले में इस कायर््ाशाला का आय्ाोजन सराहनीय्ा पहल है। कलेक्टर डॉ. ई. रमेश कुमार ने होटल जटाशंकर पैलेस में बुधवार को जलवाय्ाु परिवर्तन विषय्ा पर आय्ाोजित जन परामर्श कायर््ाशाला को शुरूआत बताते हुए कहा कि इससे हमें शीघ्र बडे परिवर्तन की उम्मीद भले न करें पर ऐसे आय्ाोजनों से हम प्रकृति, पयर््ाावरण और जलवाय्ाु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करने के लिए अवश्य्ा मजबूर हुए हैं।
कलेक्टर डॉ. ई. रमेश कुमार ने कहा कि पयर््ाावरण अकेले एक विभाग का कायर््ा नहीं हो सकता बल्कि य्ाह सभी विभागों के लिए महत्वपूर्ण विषय्ा है, इसलिए आवश्य्ाक है सभी विभाग अपनी कायर््ाय्ाोजना बनाने और उसके क्रिय्ाान्वय्ान में जलवाय्ाु परिवर्तन जैसे पयर््ाावरणीय्ा मुद्दों का समावेश अवश्य्ा करें। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जागरूकता बढाने की आवश्य्ाकता है जिसे प्रत्य्ोक व्य्ाक्ति अपनेµअपने स्तर और अपनेµअपने साधनों से बढा सकता है। ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान पीढी को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों का उतना ही उपय्ाोग करना चाहिए जिससे कि भावी पीढिय्ाों की जरूरतें भी पूरी होती रहें। हम अपनी जीवनशैली को बेहतर से बेहतर बनाने के प्रय्ाासों में भावी पीढिय्ाों का नुकसान न करें। उन्होंने कहा कि जलवाय्ाु परिवर्तन हेतु जिम्मेदार कारणों की जडों में जाकर उन कारणों से अनुकूलन करने की जगह उनका शमन जीवन का सूत्र्ा होना चाहिए।
जिला पंचाय्ात सीईओ श्रीमती भावना वालिम्बे ने कायर््ाशाला को संबोधित करते हुए कहा कि छतरपुर जिले के कुछ ग्रामों में भूमिगत जल का स्तर बहुत नीचे है। ऐसे ग्रामों में ग्रामीणों तथा पशुओं के पेय्ाजल हेतु विशेष य्ाोजनाओं की आवश्य्ाकता है। जलसंरक्षण हेतु जिले में रिवर रिवाईवल के साथ आईडब्ल्य्ाूएमपी य्ाोजना के तहत 6 प्रोजेक्ट काम कर रहे हैं। वनसंरक्षक श्री अनूप सिंह राजपूत ने जिले की वन उपलब्धता और उसके उपय्ाोग, संरक्षण तथा वनवृद्घि को लेकर विस्तार से चर्चा की। श्री राजपूत ने कहा कि ग्रामीणों को रिय्ााय्ाती दरों में इमारती लकडी उपलब्ध कराकर वनकटाई को रोका जा सकता है। ईंधन के लिए ऊर्जावन तथा आवासों के लिए बांस वन लगाने के साथµसाथ दुधारू पशुओं के लिए चारागाह विकसित करना जरूरी है। वनोपज के लिए जंगलों में आग लगाना तथा सिर पर जलाऊ लकडी ढोने वालों को जनजागरण के माध्य्ाम से जागरूक किय्ाा जाना आवश्य्ाक है। उन्होंने जिले में महुआ, चिरोंजी तथा बेर की बहुताय्ात उपलब्धता बताते हुए आय्ावर्धक गतिविधिय्ाां प्रारंभ करने की आवश्य्ाकता बताई। गरीब लोगों की आय्ा के स्त्र्ाोत बढाकर ही जंगल का विनाश रोका जा सकता है।
कायर््ाशाला में जलवाय्ाु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार 8 विषय्ाों पर समूह बनाकर चर्चा कराई गई। शहरीकरण से जलवाय्ाु परिवर्तन विषय्ा पर समूह चर्चा को प्रस्तुत करते हुए श्री लखनलाल असाटी ने कहा कि शहर के सभी जलस्त्र्ाोतों को आपस में जोडकर तथा इनर्जी आडिट से जल तथा ऊर्जा का संरक्षण किय्ाा जा सकता है। ग्रामीण परिवेश पर सहाय्ाक संचालक उद्यानिकी श्री विजय्ाकांत मिश्रा, कृषि क्षेत्र्ा पर सहाय्ाक संचालक कृषि डॉ. भानु प्रताप सिंह, मीडिय्ाा एवं जनजागृति पर पहल एनजीओ के अध्य्ाक्ष श्री हरिकृष्ण द्विवेदी तथा अशासकीय्ा संगठनों की ओर से श्री सूयर््ाप्रताप सिंह बुंदेला व पयर््ाावरणविद श्री बालेंदु शुक्ला ने सुझ्ााव दिए। इस अवसर पर महाराजा कालेज प्राचायर््ा डा. जी.पी. राजौरे, नगरपालिका सीएमओ श्री सुधीर सिंह, पत्र्ाकार श्री पवन अवस्थी, श्री विकास पचौरी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व जागरूक नागरिक उपस्थित थे।
म.प्र. शासन की य्ाूएनडीपी परिय्ाोजना के तहत आय्ाोजित राज्य्ा जलवाय्ाु परिवर्तन कायर््ाय्ाोजना का संचालन पयर््ाावरण प्रशिक्षण केंद्र के प्रतिनिधि श्री अविनाश द्वारा किय्ाा गय्ाा। इस अवसर पर राज्य्ा जलवाय्ाु परिवर्तन प्रकोष्ठ के समन्वय्ाक श्री लोकेंद्र ठक्कर ने विषय्ावस्तु पर विस्तार से प्रकाश डालकर कायर््ाशाला के विषय्ा से सभी को अवगत कराय्ाा। भारतीय्ा वन प्रबंधन संस्थान भोपाल के सहाय्ाक प्राध्य्ाापक डॉ. अरविंद विजलवान सहित कायर््ाशाला में छतरपुर, टीकमगढ तथा दतिय्ाा जिलों के प्रतिनिधिय्ाों ने हिस्सा लिय्ाा।

विकास की इबारत के साथ गढी जा रही भविश्य्ा की बर्बादी की कहानी




छतरपुर। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनई जा रही सडकें षहर के विकास की नई इबारत जरूर लिख रही है लेकिन इसके साथ ही भविश्य्ा में नागरिकों को होने वाली परेषानी भी इसी इबारत के साथ गढी जा रही है। षहरवासिय्ाों को आगामी माह में ठेकेदार की लापरवाही के कारण जो पानी की भीशण किल्लत झ्ोलना पडेगी उससे षहर के वाषिंदे अभी से भय्ाभीत होने लगे है, लेकिन निर्माण कायर््ा कर रहे ठेकेदार, पीडब्ल्य्ाूडी के आला अफसरान एवं स्थानीय्ा जनप्रतिनिधि पूरी तरह अंजान है। षहर के भीतर बन रही नवनिर्मित सीसी सडकों में बेइन्तहा पानी बर्बाद किय्ाा जा रहा है। विगत कई वर्शा से अल्पवर्शा होने के कारण तालाबों में सिर्फ इतना पानी बचा है कि सिर्फ एक य्ाा दो माह में सूख जाय्ोगा। इसके बाद भी नगर पालिका क्षेत्र्ा में आने वाले तालाब के पानी का इस कदर दोहन किय्ाा जा रहा है कि आगामी पन्द्रह से बीस दिन में तालाब में सिर्फ पानी के नाम पर कीचड रह जाय्ोगा।
षासन द्वारा षहर में पौने आठ करोड रूपय्ो की लागत से बनाई जा रही ग्य्ाारह मुख्य्ा सडकें प्रस्तावित होकर अमली जामा तो पहनने लगी पर षहरवासी निर्माण कायर््ा से संतुश्ट नजर नहीं आ रहे है। गौरतलब है विगत दो माह पूर्व महाराजा कॉलेज रोड, नय्ाा मुहल्ला चौराहा से महल तिराहा तक की सीसी सडकें बनकर तैय्ाार हो चुकी है। जिसकी तलाई करके आज भी पानी बर्बाद किय्ाा जा रहा है। अभी षहर की कई सडकों का निर्माण होना बाकी है जिसमें बेषुमार पानी लगना है। वर्तमान में लगातार गिरते जलस्तर के कारण कई मुहल्लों में पानी का संकट अभी से गहराने लगा है। य्ादि सडकों पर य्ाूं ही बेवजह पानी बर्बाद होता रहा तो गर्मिय्ाों में पानी के लिए त्र्ााहिµत्र्ााहि मच जाय्ोगी। उल्लेखनीय्ा है कि ठेकेदार द्वारा नरवर्देष्वर मंदिर के बडे तालाब की जमीन पर मटेरिय्ाल बनवाने के साथ तालाब के पानी का उपय्ाोग किय्ाा जा रहा है। जिसके चलते प्रतिदिन तालाब के पानी का जलस्तर नीचे जा रहा है।
पडोसी से भी तुलना लाय्ाक नहीं है सडकµ
पडोसी जिला टीकमगढ और जिले के प्रभारी मंत्र्ाी हरिषंकर खटीक द्वारा टीकमगढ जिले में गुणवत्तापूर्ण विकास कायर््ाों की गंगा बहाई जा रही है उनके गष्ह नगर पलेरा में सीसी डिवाईडर सडक का निर्माण कायर््ा जारी है। जिसमें सरिय्ाा तो नहीं पर पाईप के साथ उच्च गुणवत्ता का मटेरिय्ाल लगाय्ाा जा रहा है। लेकिन छतरपुर में इस तरह के मानक स्तर षहर की सडकों के निर्माण में कही नहीं दिखाई दे रहा। टीकमगढ की सडकों के सामने षहर की सडके पूरी तरह फिसड्डी साबित होगी।
बर्बादी के साथ प्रदूशण भीµ
महल तिराहा के बडा तालाब में जो बोर उत्खनन कराय्ाा गय्ाा था वह सिर्फ नगरवासिय्ाों को पेय्ाजल मुहैय्ाा कराने के उद्देष्य्ा से हुआ था। विगत दो माह से लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाय्ो जा रहे सीसी रोड में बोर के पानी को उपय्ाोग में लाने के कारण तालाब के पानी का जलस्तर काफी गिर गय्ाा है वहीं तालाब की जमीन में मटेरिय्ाल बनने सहित षाम को मजदूर एवं टेªक्टर चालक सीमेंट से भारी ट्रालिय्ाों को तालाब में ही धोते हैं जिससे तालाब का पानी तो गंदा हो रहा है।
पटेल बीज भण्डार के सामने की रोड धसीµ
महल रोड के पास स्थित पटेल बीज भण्डार के संचालक हरिराम पटेल ने बताय्ाा कि दुकान के सामने 15 फरवरी को सीसी रोड का निर्माण कराय्ाा गय्ाा। रोड की चौडाई अधिक होने के कारण निर्माण में मषीन का उपय्ाोग तो नहीं हो सका पर उपस्थित पीडब्ल्य्ाूडी के अधिकारिय्ाों एवं ठेकेदार के कर्मचारिय्ाों की लापरवाही के चलते कारीगर व मजदूरों ने सीमेन्टµकंक्रीट को दबाने के लिए वाईवेटर मषीन का उपय्ाोग न करते हुए सडक का लेबेल मिला दिय्ाा जो कि दो दिन बाद अधिक वजन पडते ही धस गई। अब सादा पानी रोड पर भरने के कारण राहगीरों को परेषानी हो रही है।
नगर के चिंतकों की सडक निर्माण पर टिप्पणीµ
षहर में बन रही सीसी रोडों की गुणवत्ता पर सवालिय्ाों निषान लगाते हुय्ो निर्माण कायर््ा में लापरवाही बरतने के आरोप हिन्दू उत्सव समिति के अध्य्ाक्ष पवन मिश्रा ने लगाएं है।
न्य्ााय्ाालय्ा भी दे चुकी है निर्देषµ
एडवोेकेट संजय्ा षर्मा द्वारा जनहित में अध्य्ाक्ष लोक उपय्ाोगी सेवाय्ों स्थाय्ाी लोक अदालत में प्रकरण क्रमांक 34/०9 दाय्ार कर नगर में बन रही आरसीसी सडकों के निर्माण के कारण वारिस के पानी का जमीन में अवषोशण न हो पाने के तथ्य्ा पर न्य्ााय्ाालय्ा का ध्य्ाान आकृश्ट करवाय्ाा था जिस पर उक्त न्य्ााय्ाालय्ा ने कलेक्टर छतरपुर, कायर््ापालन य्ांत्र्ाी लोक निर्माण विभाग तथा मुख्य्ा नगर पालिका अधिकारी छतरपुर को आवष्य्ाक कदम उठाने के लिए निर्देषित किय्ाा था। मगर अभी तक जल संरक्षण के क्षेत्र्ा में किसी ने भी ठोस कदम नहीं उठाय्ो।



Monday, February 7, 2011

राहुल मध्यप्रदेश आकर सड़क से गए...मायावती ने प्लेन रोका....

राहुल मध्यप्रदेश आकर सड़क से गए...मायावती ने प्लेन रोका....
 (सचिन अग्रवाल)
राहुल बाबा का एमपी के रास्ते यूपी में प्रवेश खजुराहो। कांग्रेस पार्टीं के युवराज राहुल गांधी उर्फ राहुल बाबा हवाई मार्ग से खजुरहो आये और टैक्सी परमिट की गाडियों से पन्ना के रास्ते उप्र के बांदा जिले के करतल नरेनी के ग्राम शाहपुरा पहुंचे और दबंगों के रेप कांड की दलित नावालिग लडकी एवं उनके परिजनों से मिलकर उन्हे न्याय का भरोसा दिलाया और उल्टे पांव उसी रास्ते खजुराहो आकर दिल्ली अपने चार्टर विमान से चले गये। राहुल बाबा खजुराहो सोमवार की सुबह लगभग ११ बजे आये और निजी वाहनों से बगैर सुरक्षा लिये पन्ना के लिये निकल गये जहां पर फसल नुकसान की चिंता में आत्महत्या करने वाले एक किसान के घर जाकर उनके परिजनों से मिले और दोपहर दो बजे सीधे बांदा जिले के करतल नरेनी के ग्राम शाहपुरा पहुंचे और दबंगों के रेप कांड की पीडिता शीलू नापित एवं उनके परिजनों से चर्चा की। राहुल बाबा की खबर मिलते ही छतरपुर जिले के प्रशासन में उथल पुथल मच गई और राहुल बाबा की खोजबीन शुरू कर दी। अंतत: पन्ना से छतरपुर जिला प्रशासन को उनकी लोकेशन मिली और उनकी सतत लोकेशन रखकर यह पता लगाया कि राहुल बाबा छतरपुर जिले के किसी भी गांव में नहीं जायेंगे तब कहीं जाकर जिला प्रशासन चिंता मुक्त हुआ। हालांकि छतरपुर जिले के कांग्रेस नेताओं ने राहुल बाबा का पीछा पन्ना अमानगंज तक किया और अंतत: खजुराहो विमानतल पर उनका जोरदार स्वागत कर ज्ञापन सौंपा। राहुल बाबा की आंखों में नींद चढी होने के कारण वे कांग्रेसी नेताओं से अच्छी तरह से नहीं मिल सके। कांग्रेस के सूत्रों पर विश्वास किया जाये तो राहुल बाबा दिल्ली से अपने चार्टर विमान से कानपुर के लिये उडे थे। परन्तु उत्तरप्रदेश की मायावती के प्रशासन ने कानपुर एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति नहीं दी। जिससे खफा होकर राहुल बाबा सीधे खजुराहो विमानतल पर सोमवार की सुबह ११ बजे उतरे। और सीधे पन्ना के रास्ते उप्र बांदा जिले के करतल नरेनी दोपहर दो बजे पहुंचे और सीधे वहां से चलकर खजुराहो शायं चार बजे आकर दिल्ली के लिये उड गये। बताया जाता है कि यूपी की राजनीति में राहुल बाबा करतल नरेनी के ग्राम शाहपुरा रेप कांड की पीडिता शीलू के मुददे को यूपी चुनाव में भुनाना चाहते है। वहीं दूसरी तरफ उप्र की मुख्यमंत्री इस मुददे को किसी भी कीमत पर रिक्स नहीं उठाना चाहतीं है जिसके चलते मायावती ने राहुल बाबा के विमान को कानपुर में लैंड करने की अनुमति नहीं दिलवाई थी। परन्तु अपनी मंजिल पर पहुंचने का जज्बा लिये राहुल बाबा एमपी के रास्ते यूपी पहुंचे और अपनी मंजिल पाकर सीधे यूपी के रास्ते एमपी आये और दिल्ली उड गये। यह भी बताया गया है कि राहुल बाबा सीधे दिल्ली पहुंचकर दबंगों से पीडित शीलू निसाद रेप कांड को पत्रकारवार्ता में उछालेंगे और संभवत: पीडिता एवं उनके परिजनों को मीडिया से मुखातिब करवाकर मायावती सरकार की दबंगाई को उजागर कर बसपा सरकार के न्याय पर प्रश्रचिन्हों को लगवायेंगे। और इसी बोट बैंक की राजनीति का फायदा राहुल बाबा अपनी कांग्रेस पार्टी के लिये भुनायेंगे।

Sunday, February 6, 2011

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खजुराहो में 19वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कान्फ्रेंस का शुभारंभ

छतरपुर(सचिन अग्रवाल)। रिसर्च सोसायटी ऑफ होम्योपैथी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय 19वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कान्फ्रेंस होटल क्लार्क खजुराहो में प्रारंभ हो गई। इस कान्फें्रस में देश-विदेश के लगभग 800 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर उन्होंने सोसायटी की ओर से नागपुर के डॉक्टर कासिम चिमठानवाला को डॉ. हेनीमेन मेमोरियल नेशनल अवार्ड एवं गोवा के डॉ. अरविन्द कोठे को डॉ. बीके घोष मेमोरियल बेस्ट नेशनल होम्योपैथिक टीचर अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. नवल किशोर रावत द्वारा लिखित पुस्तक ''सुलभ होम्यो दर्द चिकित्साÓÓ एवं डॉ. कासिम चिमठानवाला की ''ड्रग पुलिंग पुस्तिकाÓÓ तथा कान्फ्रेंस के मौके पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया।

डॉ. भस्मे ने कहा कि केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद गुणात्मक होम्योपैथिक शिक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है क्योंकि अच्छे एवं योग्य चिकित्सकों के लिए बेहतर शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब अधोमानक कॉलेजों पर सख्ती की जाएगी तथा उन्हें छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से मेहनत से पढ़ाई करने पर जोर दिया।

केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के सचिव डॉ. ललित वर्मा ने कहा कि कान्फें्रसों में इस बात पर भी चर्चा की जानी चाहिए कि हम कहीं-कहीं पर असफल क्यों हो रहे हैं। उन्होंने होम्योपैथिक शिक्षा को शोध से जोड़े जाने की वकालत की। दिल्ली सरकार के होम्योपैथिक उपनिदेशक डॉ. आरके मनचंदा ने कहा कि योग्य शिक्षकों का अभाव ही होम्योपैथी के विकास में बाधक है।

रिसर्च सोसायटी ऑफ होम्योपैथी के अध्यक्ष डॉ. सीपी सिंह ने सोसायटी की गतिविधियों के बारे में चर्चा की। केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के सदस्य डॉ. अनुरुध वर्मा ने केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा होम्योपैथी के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को नाकाफी बताया।

उन्होंने सरकार की बीआरएचसी कोर्स का विरोध किया तथा आयुष चिकित्सकों के लिए असम क्लीनिकल स्टेरिसिमिंट एक्ट बनाने की मांग की। उन्होंने मध्यप्रदेश के छात्रों को राज्य सरकार की ओर से इन्टर्न शिप भत्ता देने की वकालत की तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना एवं मेडिक्लेम पॉलिशी में होम्योपैथी को शामिल किए जाने की जरूरत बताई।

पहले दिन तीन वैज्ञानिक सत्र

कान्फ्रेंस के पहले दिन आज तीन वैज्ञानिक सत्र हुए। डॉ. डीपी रस्तोगी मेमोरियल वैज्ञानिक सत्र में डॉ. आरके मनचंदा चर्मरोगों में तथ्यपरक होम्योपैथी विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि चर्मरोगों का प्रभावी उपचार है। उन्होंने फंगल इन्फेक्शन के 35 वाड्र्स के 100 एवं सोर्पासीस के 40 जटिल उपचारित रोगियों का तथ्यपरक विवरण प्रस्तुत किया जो अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुआ है। इस सत्र में डॉ. एसी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एलके नंदा ने कहा कि वृद्धावस्था में प्रोस्टेट वृद्धि एवं आस्टियो आर्थराईटिस की संभावना 25 से 30 प्रतिशत होती है। इनका होम्योपैथी में सफल उपचार है।

चेन्नई के डॉ. आर मनसंबंधन ने कहा कि जटिल एवं पुराने रोगों का नियाज्म की समझ से सफल उपचार किया जा सकता है। इस सत्र में डॉ. केएम निशांत ने हाऊ टू किल ए पेशेंट एवं डॉ. राजेश गुप्ता ने गर्भाशय की रसोली के सफल होम्योपैथी उपचार पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। सत्र की अध्यक्षता केडी होम्योपैथी परिषद के सदस्य व्हीआर कवीश्वर ने की।

दूसरे डॉ. अनिल भाटिया मेमोरियल सत्र में हैदराबाद के डॉ. एस प्रवीनकुमार ने अपने शोध पत्र में बेहोशी के होम्योपैथिक प्रबंधन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। मुंबई के डॉ. मिर्जा अनबर वेग ने कहा कि देश में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है एवं विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगियों का विवरण भी उन्होंने प्रस्तुत किया। गोवा के डॉ. अरविन्द कोठे ने अपने शोध पत्र में सिद्ध किया कि डायबिटिक न्यूरोपैथी का होम्योपैथी से सफल उपचार संभव है। दिल्ली के डॉ. नीरज गुप्ता ने बच्चों के आटिज्म रोग पर चर्चा करते हुए शोध पत्र प्रस्तुत किया।

तीसरा सत्र डॉ. एस दुबे को समर्पित था। इस सत्र में बंगलोर के डॉ. बीडी पटेल ने बताया कि वृद्धावस्था के रोगों में होम्योपैथी बहुत ही कारगर है। पंजाब के डॉ. एस तनवीर हुसैन ने न्यूरो फाइबोर्मा के होम्योपैथी द्वारा सफलतापूर्वक उपचारित रोगियों का विवरण प्रस्तुत किया।

हैदराबाद की डॉ. बी अरुणा ने होम्योपैथिक प्रिस्क्रिपशन में चरित्रगत लक्षणों की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. बीआर बरेली के वैज्ञानिक डॉ. कृष्णदेव ने एलटी लेप्रोसी वेक्सीन के ट्रायल में मनीकुलर बॉयलोजी के उपयोग पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस सत्र में भोपाल के डॉ. संजय गुप्ता ने होम्योपैथिक शिक्षा एवं डॉ. जूही गुप्ता ने भय के होमयोपैथिक उपचार पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। कान्फेंस का समापन रविवार को होगा।